यह मुकाबला बुंडेसलीगा 2 की तीसरे स्थान की टीम और बुंडेसलीगा 1 की सोलहवें स्थान की टीम के बीच प्ले-ऑफ के पहले चरण का है। बुनियादी हालात और सट्टा रुझान को देखते हुए, घरेलू मैदान पर खेल रही पाडरबोर्न के लिए हार टालना संभव दिख रहा है।
सबसे पहले टीम की उपलब्धता पर नजर डालें। वोल्फ्सबर्ग को गंभीर चोटिल खिलाड़ियों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अर्नोल्ड, रोजेरियो, विइमर, सेल्ट, फिशर समेत कुल सात खिलाड़ी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे लगभग पूरी एक मध्य और रक्षात्मक पंक्ति प्रभावित हुई है। इससे टीम की आक्रमण और रक्षा, दोनों की ताकत काफी घट गई है। इसके मुकाबले पाडरबोर्न के भी तीन खिलाड़ी अनुपस्थित हैं, लेकिन उसका समग्र ढांचा काफी हद तक बरकरार है।
दूसरा है फॉर्म का तुलनात्मक विश्लेषण। पाडरबोर्न का पूरे सीजन घरेलू प्रदर्शन स्थिर रहा है। उसने अपने 17 घरेलू मैचों में 10 जीत, 3 ड्रॉ और 4 हार दर्ज की हैं, और जीत प्रतिशत 58.8% रहा है, जो घर पर उसकी मजबूत लड़ाकू क्षमता को दर्शाता है। वहीं वोल्फ्सबर्ग ने पूरे बुंडेसलीगा सीजन में बाहर खेले गए 17 मैचों में केवल 5 जीत, 4 ड्रॉ और 8 हार हासिल की हैं। उसकी विदेशी मैदान पर रक्षा कमजोर रही है और प्रति मैच औसतन 2.18 गोल खाए हैं। ऐसे में घर पर आक्रामक रूप से खेलने वाली पाडरबोर्न के खिलाफ उस पर भरोसा करना मुश्किल है।
एशियाई हैंडीकैप के लिहाज से, शुरुआती लाइन में मेहमान टीम को आधे गोल का लाभ दिया गया था, लेकिन बाद में कई संस्थानों ने इसे मेहमान आधा गोल उच्च ऑड्स तक समायोजित किया, और कुछ ने तो इसे वापस शून्य हैंडीकैप तक ला दिया। इससे साफ है कि बाहर खेल रही वोल्फ्सबर्ग को समर्थन काफी कमजोर रहा है।
कुल मिलाकर, वोल्फ्सबर्ग चोटों से जूझ रही है, उसकी विदेशी मैदान पर रक्षात्मक स्थिरता भी कमजोर है, जबकि पाडरबोर्न घर में मजबूत है और उसकी टीम लगभग पूरी है। इसलिए इस मैच में पाडरबोर्न के घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद की जा सकती है।